क्योंकि गृहदेवता अनर्थ बात कहते और भावी कहनेवाले झूठा दर्शन देखते और झूठे स्वप्न सुनाते, और व्यर्थ शान्ति देते हैं। इस कारण लोग भेड़–बकरियों के समान भटक गए; और चरवाहे न होने के कारण दुर्दशा में पड़े हैं।