पहला जन्तु सिंह के समान था और उसके पंख उकाब के से थे। मेरे देखते देखते उसके पंखों के पर नोचे गए और वह भूमि पर से उठाकर, मनुष्य के समान पाँवों के बल खड़ा किया गया; और उसको मनुष्य का हृदय दिया गया।