तब अधिपति, हाकिम, गवर्नर, जज, खजानची, न्यायी, शास्त्री आदि प्रान्त–प्रान्त के सब अधिकारी नबूकदनेस्सर राजा की खड़ी कराई हुई मूरत की प्रतिष्ठा के लिये इकट्ठे हुए, और उस मूरत के सामने खड़े हुए।