जब वे भीतरी आँगन के फाटकों से होकर जाया करें, तब सन के वस्त्र पहिने हुए जाएँ, और जब वे भीतरी आँगन के फाटकों में या उसके भीतर सेवा टहल करते हों, तब ऊन का कोई वस्त्र न पहिनें।