“तू गेहूँ, जौ, सेम, मसूर, बाजरा, और कठिया गेहूँ, लेकर एक बर्तन में रखकर उनसे रोटी बनाया करना। जितने दिन तू करवट पर लेटा रहेगा, उतने अर्थात् तीन सौ नब्बे दिन तक उसे खाया करना।