हे भटकनेवाली बेटी! तू अपने देश की तराइयों पर, विशेष कर अपनी बहुत ही उपजाऊ तराई पर क्यों फूलती है? तू क्यों यह कहकर अपने रखे हुए धन पर भरोसा रखती है, ‘मेरे विरुद्ध कौन चढ़ाई कर सकेगा?’