शत्रुओं के बलवन्त घोड़ों की टाप, रथों के वेग से चलने और उनके पहियों के चलने का कोलाहल सुनकर पिता के हाथ–पाँव ऐसे ढीले पड़ जाएँगे, कि वह मुँह मोड़कर अपने लड़कों को भी न देखेगा।