तब सब हाकिमों और सारी प्रजा ने यह प्रण किया कि हम अपने अपने दास–दासियों को स्वतंत्र कर देंगे और फिर उनसे अपनी सेवा न कराएँगे; इसलिये उस प्रण के अनुसार उनको स्वतंत्र कर दिया।