इस कारण वे पृथ्वी के राज्य राज्य में मारे मारे फिरते हुए दु:ख भोगते रहेंगे; और जितने स्थानों में मैं उन्हें जबरन निकाल दूँगा, उन सभों में वे नामधराई और दृष्टान्त और स्राप का विषय होंगे।