बहुत दिनों के बाद यहोवा ने मुझ से कहा, “उठ, फिर फ़रात के पास जा, और जिस लुंगी को मैं ने तुझे वहाँ छिपाने की आज्ञा दी थी उसे वहाँ से ले ले।”