मुझे अपने लोगों की चिल्लाहट दूर के देश से सुनाई देती है : “क्या यहोवा सिय्योन में नहीं है? क्या उसका राजा उस में नहीं?” “क्यों उन्होंने मुझ को अपनी खोदी हुई मूरतों और परदेश की व्यर्थ वस्तुओं के द्वारा क्रोध दिलाया है?”