तेरे फाटक सदैव खुले रहेंगे; दिन और रात वे बन्द न किए जाएँगे जिस से जाति जाति की धन–सम्पत्ति और उनके राजा बन्दी होकर तेरे पास पहुँचाए जाएँ।