तू तो युक्ति करते करते थक गई है। अब तेरे ज्योतिषी जो नक्षत्रों को ध्यान से देखते और नये नये चाँद को देखकर होनहार बताते हैं, वे खड़े होकर तुझे उन बातों से बचाएँ जो तुझ पर घटेंगी।