सिय्योन के पापी थरथरा गए हैं : भक्तिहीनों को कँपकँपी लगी है : हम में से कौन प्रचण्ड आग में रह सकता? हम में से कौन उस आग में बना रह सकता है जो कभी न बुझेगी?