जो मनुष्यों को बातों में फँसाते हैं, और जो सभा में न्याय करनेवाले के लिये फंदा लगाते, और धर्म को व्यर्थ बात के द्वारा बिगाड़ देते हैं, वे सब मिट जाएँगे।