हे मेरी प्रिय, तू सुन्दर है, तू सुन्दर है। तेरी आँखें तेरी लटों के बीच में कबूतरों की सी दिखाई देती हैं। तेरे बाल उन बकरियों के झुण्ड के समान हैं जो गिलाद पहाड़ के ढाल पर लेटी हुई हों।