పరిశుద్ధ గ్రంథము
,
पुराना नियम
,
भजन संहिता
,
अध्याय 115
,
???en_US.statement??? 18
परन्तु हम लोग याह को अब से लेकर सर्वदा तक धन्य कहते रहेंगे। याह की स्तुति करो!
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