हे यहोवा, मैं तुझी को पुकारूँगा; हे मेरी चट्टान, मेरी सुनी–अनसुनी न कर, ऐसा न हो कि तेरे चुप रहने से मैं क़ब्र में पड़े हुओं के समान हो जाऊँ जो मृतक लोक में चले जाते हैं।