तब मैं ने वहाँ अर्थात् अहवा नदी के तट पर उपवास का प्रचार इस आशय से किया कि हम परमेश्वर के सामने दीन हों; और उस से अपने और अपने बाल–बच्चों और अपनी समस्त सम्पत्ति के लिये सरल यात्रा माँगें।