अमस्याह ने परमेश्वर के भक्त से पूछा, “फिर जो सौ किक्कार* चाँदी मैं इस्राएली दल को दे चुका हूँ, उसके विषय क्या करूँ?” परमेश्वर के भक्त ने उत्तर दिया, “यहोवा तुझे इससे भी बहुत अधिक दे सकता है।”