यरूशलेम में भी यहोशापात ने लेवियों और याजकों और इस्राएल के पितरों के घरानों के कुछ मुख्य पुरुषों को यहोवा की ओर से न्याय करने और मुक़द्दमों को जाँचने के लिये ठहराया। उनका न्याय–आसन यरूशलेम में था।