भवन के सामने के ओसारे की लम्बाई तो भवन की चौड़ाई के बराबर बीस हाथ की, और उसकी ऊँचाई एक सौ बीस हाथ की थी। सुलैमान ने उसको भीतर से चोखे सोने से मढ़वाया।