तब दाऊद ने दमिश्क के अराम में सिपाहियों की चौकियाँ बैठाईं; अत: अरामी दाऊद के अधीन होकर भेंट ले आने लगे। जहाँ जहाँ दाऊद जाता, वहाँ वहाँ यहोवा उसको जय दिलाता था।