इसलिये राजा योआश ने यहोयादा याजक, और अन्य याजकों को बुलवाकर पूछा, “भवन में जो कुछ टूटा–फूटा है, उसे तुम क्यों नहीं सुधारते? अब से अपनी जान पहचान के लोगों से और रुपया न लेना, और जो तुम्हें मिले, उसे भवन के सुधारने के लिये दे देना।”