उनसे पहले पहुँचकर गेहजी ने छड़ी को उस लड़के के मुँह पर रखा, परन्तु कोई शब्द न सुन पड़ा, और न उसमें कोई हरकत हुई; तब वह एलीशा से मिलने को लौट आया, और उसको बतला दिया, “लड़का नहीं जागा।”