वहाँ से वह बेतेल को चला, और मार्ग की चढ़ाई में चल रहा था कि नगर से छोटे लड़के निकलकर उसका ठट्ठा करके कहने लगे, “हे चन्दुए, चढ़ जा; हे चन्दुए, चढ़ जा।”