और सुलैमान ने हीराम के परिवार के खाने के लिये उसे बीस हज़ार कोर गेहूँ और बीस कोर* पेरा हुआ तेल दिया; इस प्रकार सुलैमान हीराम को प्रति वर्ष दिया करता था।