राजा ने उनसे कहा, “जो कुछ तुम्हें भाए वही मैं करूँगा।” इसलिये राजा फाटक की एक ओर खड़ा रहा, और सब लोग सौ सौ, और हज़ार हज़ार, करके निकलने लगे।