तब बोअज़ फाटक के पास जाकर बैठ गया; और जिस छुड़ानेवाले कुटुम्बी की चर्चा बोअज़ ने की थी, वह भी आ गया। तब बोअज़ ने कहा, “हे मित्र, इधर आकर यहीं बैठ जा।” तो वह उधर जाकर बैठ गया।