बीचवाले पहर के आरम्भ में ज्योंही पहरुओं की बदली हो गई थी त्योंही गिदोन अपने संग के सौ पुरुषों समेत छावनी के छोर पर गया; और नरसिंगे को फूँक दिया और अपने हाथ के घड़ों को तोड़ डाला।