और सन्दूक के उठानेवाले यरदन पर पहुँचे, और सन्दूक के उठानेवाले याजकों के पाँव यरदन तीर के जल में डूब गए (यरदन का जल तो कटनी के समय के सब दिन अपने तट के ऊपर ऊपर बहा करता है),