और पृथ्वी और जो अनमोल पदार्थ उसमें भरे हैं, और जो झाड़ी में रहता था उसकी प्रसन्नता। इन सभों के विषय में यूसुफ के सिर पर, अर्थात् उसी के सिर के चाँद पर, जो अपने भाइयों से न्यारा हुआ था आशीष ही आशीष फले।