और यहूदा पर यह आशीर्वाद हुआ जो मूसा ने कहा, “हे यहोवा, तू यहूदा की सुन, और उसे उसके लोगों के पास पहुँचा। वह अपने लिये आप अपने हाथों से लड़ा, और तू ही उसके द्रोहियों के विरुद्ध उसका सहायक हो।”