यह जानकर, कि वह दीन है और उसका मन मज़दूरी में लगा रहता है, मज़दूरी करने ही के दिन सूर्यास्त से पहले तू उसकी मज़दूरी देना; ऐसा न हो कि वह तेरे कारण यहोवा की दोहाई दे, और तू पापी ठहरे।