तेरे देश में दरिद्र तो सदा पाए जाएँगे; इसलिये मैं तुझे यह आज्ञा देता हूँ, कि तू अपने देश में अपने दीन–दरिद्र भाइयों को अपना हाथ ढीला करके अवश्य दान देना।