परन्तु वे अपने भाई बन्धुओं के साथ मिलापवाले तम्बू के पास रक्षा का काम किया करें, और किसी प्रकार का सेवा–कार्य न करें। लेवियों को जो जो काम सौंपे जाएँ उनके विषय तू उनसे ऐसा ही करना।”