“फिर यदि कोई अपनी निज भूमि का कोई भाग यहोवा के लिये पवित्र ठहराना चाहे, तो उसका मोल इसके अनुसार ठहरे कि उसमें कितना बीज पड़ेगा; जितनी भूमि में होमेर भर जौ पड़े उतनी का मोल पचास शेकेल ठहरे।