और उस पचासवें वर्ष को पवित्र मानना, और देश के सारे निवासियों के लिये छुटकारे का प्रचार करना; वह वर्ष तुम्हारे यहाँ जुबली* कहलाए; उसमें तुम अपनी अपनी निज भूमि और अपने अपने घराने में लौटने पाओगे।