जिस किसी बैल या भेड़ या बकरे का कोई अंग अधिक या कम बड़ा हो उसको स्वेच्छाबलि के लिये चढ़ा सकते हो, परन्तु मन्नत पूरी करने के लिये वह ग्रहण न होगा।