“इस्राएलियों में से या उनके बीच रहनेवाले परदेशियों में से कोई मनुष्य क्यों न हो जो अहेर करके खाने के योग्य पशु या पक्षी को पकड़े; वह उसके लहू को उंडेलकर धूलि से ढाँप दे।