और उनके जीवन को गारे, ईंट और खेती के भाँति–भाँति के काम की कठिन सेवा से दु:खी कर डाला; जिस किसी काम में वे उनसे सेवा करवाते थे उसमें वे कठोरता का व्यवहार करते थे।