हम तेरे देखते क्यों मरें, और हमारी भूमि क्यों उजड़ जाए? हमको और हमारी भूमि को भोजन वस्तु के बदले मोल ले, कि हम अपनी भूमि समेत फ़िरौन के दास हों : और हमको बीज दे कि हम मरने न पाएँ, वरन् जीवित रहें, और भूमि न उजड़े।”