याक़ूब ने अपने मामा लाबान की बेटी राहेल को, और उसकी भेड़–बकरियों को देखा तो निकट जाकर कुएँ के मुँह पर से पत्थर को लुढ़काया और अपने मामा लाबान की भेड़–बकरियों को पानी पिलाया।