वहाँ उसने अपने राज्य के तीसरे वर्ष में अपने सब हाकिमों और कर्मचारियों को भोज दिया। फ़ारस और मादै के सेनापति और प्रान्त–प्रान्त के प्रधान और हाकिम उसके सम्मुख आ गए।