और यदि उसके पास भेड़ या बकरी देने की पूँजी न हो, तो दो पंडुकी या कबूतरी के दो बच्चे, एक तो होमबलि और दूसरा पापबलि के लिये दे; और याजक उसके लिये प्रायश्चित्त करे, तब वह शुद्ध ठहरेगी।”