इस कारण तुम विश्रामदिन को मानना, क्योंकि वह तुम्हारे लिये पवित्र ठहरा है; जो उसको अपवित्र करे वह निश्चय मार डाला जाए : जो कोई उस दिन में कुछ काम–काज करे वह प्राणी अपने लोगों के बीच से नष्ट किया जाए।