मेरी भेड़–बकरियाँ तितर–बितर हुई हैं; वे सारे पहाड़ों और ऊँचे ऊँचे टीलों पर भटकती थीं; मेरी भेड़–बकरियाँ सारी पृथ्वी के ऊपर तितर–बितर हुईं; और न तो कोई उनकी सुधि लेता था, न कोई उनको ढूँढ़ता था।