मेरे मन में जलजलाहट नहीं है। यदि कोई भाँति भाँति के कटीले पेड़ मुझ से लड़ने को खड़े करता, तो मैं उन पर पाँव बढ़ाकर उनको पूरी रीति से भस्म कर देता।