ಕನ್ನಡ ಸತ್ಯವೇದವು
,
पुराना नियम
,
भजन संहिता
,
अध्याय 32
,
ವಚನ 4
क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई। (सेला)
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