हमारे शत्रु कहने लगे, “जब तक हम उनके बीच में न पहुँचें, और उन्हें घात करके वह काम बन्द न करें, तब तक उनको न कुछ मालूम होगा, और न कुछ दिखाई पड़ेगा।”